ज़िले को टीबी मुक्त करने के लिए चलाया जाएगा सघन अभियान 

दस्तक अभियान समीक्षा में कलेक्टर ने हर बच्चे तक पहुँच सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

अनूपपुर - ज़िले से टीबी उन्मूलन के लिए आवश्यक है कि सभी मरीज़ों को चिह्नांकित कर उनके रोग की स्थिति के अनुसार इलाज उपलब्ध कराया जाकर इलाज की सम्पूर्ण अवधि पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर चंद्रमोहन ठाकुर शनिवार को कलेक्ट्रैट सभागार में उक्त लक्ष्य की प्राप्ति हेतु कार्ययोजना के  निर्माण हेतु विशेष बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अमले को सम्बोधित कर रहे थे।

       दस्तक अभियान की प्रगति की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के अमले को निर्देश दिए कि हर एक बच्चा महत्वपूर्ण है सभी बच्चों तक पहुँच स्थापित कर विधिवत स्वास्थ्य जाँच आवश्यकता पड़ने पर सुधारात्मक कार्यवाही एवं पोषण सलाह देना ज़रूरी है। ज़िला टीकाकरण अधिकारी डॉ एस॰बी॰ चौधरी ने बताया कि ज़िले में अब तक 60 हज़ार बच्चों की स्वास्थ्य जाँच की जा चुकी है। कलेक्टर ने 1 सप्ताह तक लक्ष्य पूरा करने एवं एवं अब तक की प्रगति की विकासखंड एवं ग्राम वार सत्यापन करने के निर्देश दिए।

        इस दौरान शहडोल मेडिकल कॉलेज से आए हुए प्रशिक्षक डॉ आकाश ने ज़िले में टीबी मरीज़ों का चिन्हांकन एवं उनकी मैपिंग करने हेतु बनाए हुए सॉफ़्टवेयर एवं निगरानी की सम्पूर्ण प्रक्रिया से स्वास्थ्य विभाग के अमले को अवगत कराया। ज़िला टीबी अधिकारी डॉ आर पी सोनी ने बताया कि टीबी के इलाज के लिए सही समय में मरीज़ों को चिह्नांकित करना एवं सही एवं इलाज की प्रक्रिया पूर्ण करना अनिवार्य है। इस हेतु स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले, एसटीएस नियमित रूप से क्षेत्र में भ्रमण करते हैं। ऐप के माध्यम से हर एक टीबी मरीज के इलाज की प्रक्रिया एवं स्थिति पर बेहतर निगरानी की जा सकेगी और सही समय में उपयुक्त कार्यवाही सुनिश्चित होगी। आपने बताया ज़िले में लगभग 1700 टीबी मरीज़ होना अनुमानित है जिनमे से 850 मरीज़ चिह्नांकित किए जा चुके हैं एवं उन्हें इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।

      बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी ज़िला पंचायत सरोधन सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ डी॰के॰ कोरी, सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास मंज़ुशा शर्मा समेत स्वास्थ्य विभाग का मैदानी अमला उपस्थित था।